Web 3.0 क्या है? । Next generation of internet। Web kya hai in hindi?

दोस्तों हमारा इंटरनेट काफी दिनों से अपडेट होते आया है इसी कड़ी में वेब 3.0 नया अपडेट जुड़ने जा रहा है। Web 3.0, Metaverse,  Crypto ये सारी चीज़े ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इंटरनेट की शुरुआत 1991 से शुरू की गई थी जिसमें पहला वेब 1.0 सन 2004 तक चली उसके बाद वेब 2.0 की शुरुआत की गई जो कि अभी तक चल रहा है आज का इंटरनेट सर्विस वेब 2.0 पर अधारित है। इस पोस्ट में हम जानेंगे कि क्यों वेब 3.0 वेब 2.0 से बेहतर है। web 2.0 मे किस कमी के वजह से लोग web 3.0 की ओर आकर्षित हुए। सबसे पहले हम web 1.0, web 2.0 को समझेंगे।

Web 1.0 क्या है? (What is web 3.0)

वेब 1.0 की शुरुआत 1991 से हुई और 2004 तक चली जिसे इंटरनेट की दुनिया में पहली कदम मानी जाती है इस वर्जन में आप किसी वेबसाइट में जाकर वहां दिए गए इंफॉर्मेशन को पढ़ सकते थे उसमें कमेंट इत्यादि नहीं कर सकते थे सारी इनफार्मेशन एक तरफ से होती थी इस वर्जन को ओन्ली रीड भी कहा जाता थी। इसमें वीडियो और इमेजेस का यूज़ नहीं होता था इसके यूजर्स पूरी दुनिया में बहुत कम थे जैसे-जैसे यूजर्स बढ़ते गए इसका अगला वर्जन web 2.0 आया जो आज भी चल रहा है।

Web 2.0 क्या है? (what is web 2.0)

Web 2.0 की शुरुआत 1999 में हो चुकी थी जिसके बाद मोबाइल, सोशल मीडिया क्लाउड कंप्यूटर का उदय हुआ इसमें हम किसी वेबसाइट पर जाकर लॉगिन कर सकते हैं सोशल मीडिया पर अपना प्रोफाइल बना सकते हैं किसी वीडियो या आर्टिकल पर इसमें कमेंट कर सकते है सोशल मीडिया की शुरुआत इसी वेब 2.0 से हुई इसके बाद इसमें और कई सारी चीजें जुड गई जिसमें आप ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं ऑनलाइन फूड ऑर्डर कर सकते हैं ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं और कई सारी चीजें इसमें जुड़ती चली गई।

Web 2.0  को सोशल मीडिया जैसे- इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब, जोमेटो आदि एक कदम आगे ले गई जिसमें हम अपना प्रोफाइल बनाते हैं एक दूसरे को फॉलो करते हैं यह सारे प्लेटफार्म बिल्कुल फ्री है। बदले में प्लेटफार्म एड्स दिखाकर अपना रेवेन्यू जेनरेट करते हैं। और Web 2.0 को यह सारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंट्रोल करती है ये कहीं ना कहीं एक सेंट्रलाइज किसी एक व्यक्ति, कंपनी के CEO के द्वारा रेगुलेट किया जाता है।

Web 3.0 क्या है? (what is web 3.0)

वेब 3.0 इंटरनेट की दुनिया क्रांतिकारी वर्जन है यह Decentralized सिस्टम है जो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर काम करती है जहां यूजर्स का डाटा ब्लॉकचेन पर स्टोर होता है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के वजह से यूजर्स का डाटा किसी एक सरवर पर ना होकर दुनिया के अलग-अलग सरवर पर मौजूद होगा जोकि इंक्रिप्टेड होगा जिसे कोई यह नहीं जान पाएगा कि किस युजर का डाटा कहां है। इस वजह से इसे हैक करना नामुमकिन है।

Web 3.0 और Web 2.0 मे क्या अंतर है? with example

अभी web 2.0 मे कुछ कंपनियां इंटरनेट को कंट्रोल करती है वह कंपनियां यूजर्स का डाटा लेकर Ads कंपनी को बेचती है जैसे यदि हम अपने मोबाइल में कोई टी-शर्ट सर्च करते हैं तो ऑटोमेटिक दूसरे सोशल मीडिया पर टी-शर्ट का एडवर्टाइजमेंट अपने आप दिखने लगता है यदि हम किसी सोशल मीडिया पर अपना लोकेशन एक्सेस देते हैं तो वह उस एरिया का उस भाषा में एडवर्टाइजमेंट देता है। कुछ समय पहले सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आरोप लगा था कि वह यूजर्स का डाटा लेकर पॉलिटिकल पार्टियों को बेचती है और वह ऐसे ही पोस्ट को हमारे प्लेटफार्म पर सजेस्ट करती हैं जैसे किसी पॉलीटिकल एजेंडा को फायदा मिले। वेब 2.0 में प्राइवेसी को लेकर पूरी दुनिया में काफी चिंता है। आज के इस युग में यदि हम अपने मोबाइल को सिर्फ टेबल में रखकर एक दूसरे से बर्गर के बारे में बात करते हैं तो यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हमारे इस बात को कैच करके दूसरे एड्स कंपनी को डाटा बेचती है और उस बर्गर का एड्स हमें अपने मोबाइल मे दिखने लगता है। यह प्लेटफार्म चाहे तो हमारे किसी ट्वीट हमारे किसी वीडियो, पोस्ट को डिलीट भी कर सकते हैं। इन कंपनियों के सीईओ ही रूल एवं रेगुलेशन बनाते हैं और यूजर्स को माननी पड़ती है।

Brave Browser और Odysee प्लेटफार्म क्या है?

वेब 2.0 में जितने भी कंपनियां हैं वह एडवर्टाइजमेंट कंपनियों से कमाते हैं जिसका कुछ परसेंटेज यह प्लेटफार्म रखते हैं और कुछ क्रिएटर को देते हैं लेकिन वेब 3.0 में कोई भी सेंट्रल अथॉरिटी नहीं होता है इसी तरह Web 3.0 मे गूगल क्रोम के जगह ब्रेव ब्राउजर एक प्लेटफार्म है जिसमें आप ब्राउजिंग कर सकते हैं और इस प्लेटफार्म में ब्राउजिंग करने पर आपको रिकॉर्ड में बेसिक अटेंशन टोकन दिया जाएगा जिसका एक मोनेटरी वैल्यू है उसी तरह और Odysee यूट्यूब के तरह एक प्लेटफार्म है जिसमें आप वीडियो देख सकते हैं और पोस्ट भी कर सकते हैं इसके बदले मे रिवोर्ड मिलेगा जिसका एक मोनेटरी वैल्यू होगा इस तरह से वेब 3.0 में आप काम कर सकते हैं।

Q – आखिर क्यों सोशल मीडिया हमारे डाटा को एडवर्टाइजमेंट कंपनियों को बेचते है?

Ans- सोशल मीडिया का यूज आज के जमाने में बिल्कुल मुफ्त है इसलिए यह प्लेटफार्म पैसा कमाने के लिए हमारे डाटा को बेचते हैं।

Q – Web 3.0 कैसे बेहतर web 2.0 है?

Ans- यह डिसेंट्रलाइज है। हमारा डाटा सुरक्षित रहता है, इसमें प्राइवेसी और सिक्योरिटी मिलता है।

Q – Web 3.0 की शुरुआत कब हुई? और इसका भविष्य क्या है?

Ans- वेब 3.0 की शुरुआत 2010 से हुई और इसका भविष्य का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि गूगल अमेजॉन फेसबुक जैसी कंपनियां वेब 3.0 पर काम कर

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