क्रिप्टो से जुड़ी बिल को पार्लियामेंट में पेश किया गया जिसमें सांसदों ने सरकार से क्रिप्टो माइनिंग से जुड़े सवाल किए हैं।

अगर यह क्रिप्टो कानून बिल पास हो जाता है तो 1 अप्रैल से क्रिप्टो एक्ट लागू हो जाएगा।

पार्लियामेंट के एमपी ने सवाल किया कि क्या क्रिप्टो माइनिंग में भी टैक्स लगेगा और क्रिप्टो इंफ्रास्ट्रक्चर के खर्चे को 

टैक्स में सेटअप होगा  या नहीं।
टैक्स में सेट अप का मतलब यह होता है यदि आप 1000 का बिटकॉइन खरीदते हैं

और 1800 में बेचते हैं तो खरीदने में जो 1000 लगा था उसका सेट ऑफ होगा और सिर्फ 800 का टैक्स देना होगा। 

लेकिन माइनिंग में पहले इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बिल्डिंग बनाना, सुपर कंप्यूटर के हार्डवेयर खरीदना, रेक लगाना,

बिजली बिल भरना आदि कोस्ट शामिल होती है। लेकिन सरकार ने इन सब कॉस्ट को सेट ऑफ करने से मना कर दिया

साथ ही आप माइनिंग करते हैं तो उसका भी टैक्स देना होगा जो कि क्रिप्टो माइनिंग के लिए अच्छे संकेत नहीं है। 

लेकिन यह चर्चा का विषय है एक्सपर्ट बताते हैं कि सरकार ने जल्दबाजी में क्यों तो टैक्स लगाया है। 

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