DAO क्या है? । What is DAO in hindi । DAO explanation

DAO का full form Decentralized Autonomous Organization है। सेंट्रलाइज का मतलब एक ऐसी संस्था जिसे किसी भी गवर्नमेंट अथॉरिटी के द्वारा रेगुलेटर नहीं किया जाता हो साथ ही किसी भी एक व्यक्ति के द्वारा इसे रेगुलेट नहीं किया जा सकता है ‘ऑटोनॉमस’ का मतलब सेल्फ गवर्निंग है इसमें किसी भी अथॉरिटी का इनफ्लुएंस ना हो और ऑर्गेनाइजेशन मतलब संस्था है।

DAO कैसे कार्य करता है?

DAO सबसे पहले 2016 में लांच किया गया था जिसे एथेरियम ब्लाकचैन पर लाया गया था और इसका नाम The DAO था और यह हैक हो जाने के कारण से बंद कर दिया गया

वेब 3.0 का कांसेप्ट में DAO का यूज़ किया जाएगा क्योंकि वेब 3.0 में कोई भी सेंट्रल अथॉरिटी नहीं होता है आज हम जिस इंटरनेट का यूज करते हैं ये वेब 2.0 वर्जन है जिसमें फेसबुक यूट्यूब जैसे प्लेटफार्म काम करती है यदि कोई व्यक्ति फेसबुक या युटुब में पोस्ट करता है तो वह फेसबुक या यूट्यूब के गाइडलाइंस का पालन करना है इसके कुछ नियम होते हैं जो इन प्लेटफार्म के कंपनी सीईओ के द्वारा नियम बनाए गए हैं उसे मानना जरूरी है परंतु Web 3.0 मे किसी भी कंपनी के द्वारा या किसी भी सेंट्रल अथॉरिटी के द्वारा रेगुलेट नहीं किया जाएगा यह पूरी तरह से पब्लिक के द्वारा कंट्रोल किया जाएगा इसलिए इसको चलाने के लिए एक स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट क्या है? (What is Smart Contract?)

यदि हम किसी प्लेटफार्म पर कोई भी कंटेंट पोस्ट करना चाहते हैं या फिर क्रिप्टो में इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो हमें उस प्लेटफार्म के नियम कानून मालूम होने चाहिए वहीं रूल रेगुलेशन स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में पहले से लिखा होता है मगर वेब 3.0 में तो कोई भी सेंट्रल अथॉरिटी नहीं होता है web 3.0 ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी पर आधारित है तो उसका नियम कानून कौन बनाएगा। इसमें जरूरत पड़ती है “स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट” की। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में सब कुछ पहले से दिया गया होता है जिसे पब्लिक डोमेन में कोई भी पढ़ सकता है और क्योंकि स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट को पब्लिक के द्वारा कंट्रोल किया जाता है इसलिए यदि कभी भविष्य में नियम में सुधार करने की जरूरत हो तो DAO के जितने भी टोकन होल्डर पूरी दुनिया में मौजूद हैं उन सबके पास टोकन के बदले में वोट का एक अधिकार होता है इसलिए जब भी कोई नियम टोकन होल्डर के द्वारा लाया जाता है तो उस सभी टोकन होल्डर के पास उसे स्वीकार करने या रिजेक्ट करने का अधिकार होता है यदि मेजॉरिटी टोकन होल्डर उसे स्वीकार करती है तो वह नियम अपने आप बन जाएगी।

DAO Crypto List

MAKER DAO
GITCOIN
ARAGON
DASH

DAO के Advantages (Advantages of DAO)

यह डिसेंट्रलाइज संस्था है जो ब्लॉकचेन पर आधारित है इसलिए इसे हैक होना नामुमकिन है इसमें ओपन सोर्स होता है इसके कोड्स कोई भी पढ़ सकता है अपने प्रोटोकॉल आईडिया सजेस्ट कर सकते हैं इसमें दुनिया के किसी भी कोने से जुड़ सकते हैं। DAO का टोकन कहीं से भी खरीदा जा सकता है।

DAO के disadvantage

Web 3.0  पूरी तरह से सेंट्रलाइज होने पर संदेह है क्योंकि ट्विटर के फॉर्मर प्रेसिडेंट जैक डोर्सी ने कहां की DAO को कंट्रोल करने के लिए उसके टोकन की जरूरत होती है और बड़े बड़े VCs के पास काफी ज्यादा मात्रा में टोकन पहले से मौजूद होती है इसलिए इसको कंट्रोल वही करेगे। हो सकता यह भविष्य में इसका कुछ हल निकल सके। DAO  का कोड ओपन सोर्स होता है इसे कोई भी पढ़ सकता है जिससे हैकर भी पढ़ सकते हैं और इसे हैक करने के तरीके ढुंढ सकते है। इसमें कोई बिजनेस मॉडल सीक्रेट नहीं रहता क्योंकि सारी चीजें पब्लिक डोमेन में अवेलेबल होती है।

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