स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट क्या है? | Smart Contract simply explained | Smart Contract in hindi

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट हमारे रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल किए जाने वाले कॉन्ट्रैक्ट की तरह ही होती है जैसे हम अपनी प्रॉपर्टी बेचते हैं अपनी जमीन बेचते हैं उसमें कुछ नियम और शर्तें होती हैं खरीदने और बेचने वाले के हस्ताक्षर होते हैं वकील और एग्रीमेंट की जरूरत होती है गवर्नमेंट वेरिफिकेशन होता है उसी तरह हम डिजिटल दुनिया में क्रिप्टोकरंसी एनएफटी आदि को खरीदते व बेचते हैं तो उसके लिए स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की जरूरत पड़ती है। या पूरी तरह से डिसेंट्रलाइज है इसका कोई भी ऑनर नहीं होता है इसका इस्तेमाल ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी को यूज करने वाली कई चीजें जैसे- मेडिकल डाटा, एग्जाम के डॉक्यूमेंट, हेल्थ से जुड़े जांच, प्रॉपर्टी रिकॉर्ड्स आदि चीजों में भी किया जाता है।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट क्या है? और यह कैसे काम करता है

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट एक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग है जो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर स्टोर होती है इसे कोई भी व्यक्ति पढ़ सकता है स्मार्ट कांटेक्ट में नियम और शर्तें मौजूद होती है जिसमे खरीदने और बेचने वाला के बीच का कॉन्ट्रैक्ट होता है।
स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट का उद्देश्य थर्ड पार्टी को हटाना होता है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी एक डिसेंट्रलाइज टेक्नोलॉजी है जिसमें क्रिप्टोकरंसी और एनएफटी सिस्टम काम करती हैं जब आप कोई NFT बनाते हैं तो आप उसको किस तरह से बेचना चाहते हैं उसे ऑक्शन में बेचना है या फिर फिक्स कीमत रखना है उसके बारे में कुछ इंफॉर्मेशन देना चाहते हैं तो आप सबसे पहले स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट पर उन सारी डिटेल्स को लिख सकते हैं और खरीदने वाला उस डिटेल को पढ़ कर खरीद लेगा। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में एनएफटी के बनाने वाला कौन है उसकी सारी जानकारी लिखी होती है उसे बेचने वाला कौन है वह कितने लोगों तक बेची जा चुकी है यह सारी जानकारी और पारदर्शिता स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के वजह से ही संभव है  उसी तरह इसका इस्तेमाल DAO, डिसेंट्रलाइज फाइनेंस मे की जाती है। डिसेंट्रलाइज फाइनेंस में आप क्रिप्टो को जमा (गिरवी रखकर) करके उसका इंटरेस्ट (ब्याज) ले सकते हैं क्योंकि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का कोई भी मालिक नहीं होता है तो इसमें कौन से ब्याज की दर से उनकी रिटर्न मिलेंगे। किन नियम व शर्तों पर आपको क्रिप्टो जमा करना है यह सारी जानकारी स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में पहले से ही मौजूद होती हैं। इन स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट को कोई भी देख सकता है यह पब्लिक डोमेन में मौजूद होती है।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट का इतिहास

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट को 1996 में पहली बार Nick Szabo ने बनाया था जो एक Cryptographer और  Computer Scientist थे। उस समय यह सिस्टम इतनी प्रचलित नहीं हुई थी।

उसके बाद 2013 में  Ethereum के खोजकर्ता Vitalik Buterin ने इसका इस्तेमाल किया इसके बाद से ही स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ती गई और कई सारे डिसेंट्रलाइज सिस्टम में इसकी मांग बढ़ी है।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट कैसे बनाएं (How to make Ethereum smart contract)

स्मार्ट कांट्रैक्ट हर ब्लॉकचेन पर नहीं बनाया जा सकता जैसे बिटकॉइन ब्लॉकचेन पर आप इस स्मार्टफोन पर खुद से नहीं बना सकते लेकिन कुछ ब्लॉकचेन जैसे एथेरियम OpenSea आदि में स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बना सकते हैं लोक सबसे ज्यादा Ethereum में अपना स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बनाते हैं इसमें स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बनाने के लिए काफी आसान तरीका है इसमें जावा प्रोग्रामिंग की तरह Ethereum खुद की प्रोग्रामिंग भाषा Solidity बनाई है इसे बनाने के लिए आपको कंप्यूटर प्रोग्रामिंग आनी चाहिए यदि आप जाओ प्रोग्रामिंग जानते हैं तो बड़ी आसानी से इस Ethereum में स्मार्ट कांटेक्ट बना सकते हैं।

एथेरियम के अलावा बहुत सारे नेटवर्क स्मार्ट कांट्रैक्ट बना सकते हैं जैसे- OpenSea, Cardano, Nem, Stellar

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के फायदे (Benefits of smart contract)

  • यह पूरी तरह से विकेंद्रित सिस्टम है जिसमें थर्ड पार्टी शामिल नहीं होता है जिससे समय और पैसे दोनों बचते हैं।
  • आम कॉन्ट्रैक्ट का खो जाने या चोरी हो जाने का डर होता है लेकिन स्मार्ट कांट्रेक्ट ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर स्टोर होता है जिसे हैक करना और बदलना नामुमकिन है।
  • स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट को एक बार कोडिंग से नियम, शर्तें व समझौते बना दी जाती है उसके बाद उसको ब्लॉकचेन पर स्टोर की जाती है। और यह खुद ब खुद काम करता है।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट के नुकसान-

  • स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट को एक बार बनाने के बाद इसमें दोबारा सुधार नहीं किया जा सकता है।
  • स्मार्ट कांट्रेक्ट पब्लिक डोमेन में होती है और यह सही तरीके से नहीं बना है तो इसे हैकर आसानी से पढ़ सकता है और इससे हैक करने के तरीके खोज सकता है।

Q- Smart Contract उदाहरण क्या है?

Ans- इसका इस्तेमाल वास्तविक दुनिया मे दुनिया में इस्तेमाल इस्तेमाल होता है जैसे- Trending, निवेश, उधार के लेनदेन आदि।

Q- कौन से क्रिप्टो स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट इस्तेमाल करते है?

Ans- इसमें सबसे ज्यादा पॉपुलर एथेरियम है साथ ही इसमे यह क्रिप्टो शामिल है। EOS, Neo, Tezos etc

Leave a Comment